Heer ranjha ka avtaar – shayari ki dukan (India’s largest collection of good poetries)


Heer ranjha ka avtaar

जो इश्क में हैं होते
वो वक़्त को जाया
यूँही नही किया करते
जहां से हैं गुजरते
लोग उन जैसा होने हैं लगते
बदल भी हैं जब जब बरसते
मोहब्बत को भीगाने को हैं तरसते
और प्यार में डूबना तो है एक कला
जो डूबा वो अपने खुदा से जा मिला
ज़रा ढून्ड़ो अपने प्यार को
और जो ढूढ़ चुके हो तो
ज़रा समझो अपने यार को
महसूस करो उसके दीदार को
रब करे प्यार तुम्हारा सदाबहार हो
कया पता तुम ही में अगले
हीर राँझा का अवतार हो
खुदा करे खुशियाँ तुम्हारे
जीवन में बेशुमार हो

Heer ranjha ka avtaar

This post was last modified on October 14, 2017 2:38 pm



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